भूतिया ट्रेन (bhutiya kahani)

इस कहानी (mystery stories in hindi) में मैं आपको भयपुर स्टेशन की एक रहस्यमयी ट्रेन के बारे में बताऊंगा जिसे आप पढ़ना पसंद करेंगे।आप पढ़ेंगे कि कैसे तांत्रिक लोगों को भूतिया ट्रेन( darawni kahaniya) से बचाता है


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darawni kahaniya


भूतिया ट्रेन  कि कहानी (darawni kahaniya)

भयपुर स्टेशन एक ऐसा ट्रेन स्टेशन है जहां आधी रात  के बाद अचानक ट्रेन आकर रूकती है। उसके आने के बाद पूरे स्टेशन पर अफरा-तफरी  मच जाती है ।
सभी-- स्टेशन मास्टर और स्टेशन पर आने वाले कर्मचारी अपने सब खिड़की दरवाजे बंद कर लेते हैं।

ट्रेन कहां से इस प्लेटफार्म पर आती और कहां जाती है यह किसी को पता नहीं चलता। यहां तक कि उस ट्रेन से निकलने वाले  यात्री कहां चले जाते हैं इसका भी नहीं पता  चलता

ऐसे ही हमेशा की तरह जब ट्रेन एक रात आने वाली थी टिकट विंडो  वाला अपनी विंडो बंद करना चाहता था ।

तभी एक आदमी आकर उसमें हाथ घुस आता है और कहता है---- विंडो मत बंद करो भाई। जो ट्रेन सबसे पहले आएगी उसका टिकट मुझे देना। अबे मरवायेगा क्या? अभी जो ट्रेन आएगी वह कहीं नहीं जाएगी। चार घंटे बाद आने वाली ट्रेन से जाना।

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 चार घंटे मै कहां वेट करूंगा प्लीज टिकट दे दो भाई
 लो जाओ यहां से---- और वह आदमी आगे बढ़ता है और पूछता है ----भाई चाय मिलेगी।
चाय वाला बोलता है---- अबे भाग जा। चाय के चक्कर में पड़ेगा तो कोई पानी पिलाने वाला नहीं मिलेगा।
 
मुझे आने वाली ट्रेन से जाना है ----वह आदमी बोलता है।

अबे इस ट्रेन से कोई नहीं जाता । अपनी जान की सलामती चाहता है  तो ट्रेन स्टेशन के बाहर भाग जाओ। चाय वाला बोलता है।
 अरे-अरे ट्रेन तो हार्न दे रही है । क्या टिकट वाला झूठ बोल रहा था कि ट्रेन कहीं नहीं जाती है। चलो यात्रियों से पूछता हूं।
   ---वह आदमी अपने सोच रहा था ।
 
अरे! आते ही कहा चले गए सबलोग। ट्रेन जा रही है ।मुझे तो अगले स्टेशन तक ही जाना है । जल्दी करना होगा।
चाय वाला बोलता है---- अभी कहां जा रहा है मरेगा क्या ?
                     darawni kahaniya
दौड़ता हुआ आदमी बोलता है---- भाई मुझे अगले स्टेशन तक ही जाना है और वह उस ट्रेन पर चढ़ जाता है।
  ---इतने सारे यात्री मतलब यह ट्रैन अगले स्टेशन तक तो जाएगी ही।
 
वह आदमी सुबह मरा हुआ मिलता है।
 
चाय वाला बोलता है---- कि मैंने चीख-चीख कर कहा था कि मत जा लेकिन यह नहीं सुना ।
तभी टिकट वाला भी बोलता है---- मैंने टिकट देने से भी मना किया था। मगर इसने किसी की नहीं सुनी ।
 
वही तभी पुलिस वाला बोलता है ----अब बहुत हुआ जब से यह ट्रेन चल रही है तब से 8 मौतें हो चुकी हैं। स्टेशन मास्टर को बताना ही होगा उसकी हरी झंडी दिखाने के बाद ही ट्रेन क्यों चलती है?
   
वह ट्रेन कहां से आती है कहां जाती है ? उसमें से उतरने वाले यात्री कौन है ? इसका जवाब उसे देना होगा।
   
अरे मैं कैसे बता सकता हूं मैं तो तुम लोगों की तरह ही डर डर कर अपने ऑफिस में छुप जाता हूं---- स्टेशन मास्टर बोलता है ।
   
तब पुलिस वाला बोलता है---- झूठ मत बोलो आप आकर हरी झंडी दिखाते हैं तभी ट्रेन स्टार्ट होती है। साफ-साफ बताओ ।
      इंस्पेक्टर--- यह मत भूलो कि मैं स्टेशन मास्टर हूं मुझे मत बताओ। मैं स्टेशन का मालिक हूं मैं तुम्हें यहां से ट्रांसफर भी करवा सकता हूं इस जुर्म में।
   
 तभी वह लोग कैमरे चेक करते हैं तो उसमें स्टेशन मास्टर ही हरी झंडी  दिखाने के लिए ऑफिस से बाहर निकलता हुआ दिखाई देता है।
     

तांत्रिक का आगमन


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सब कुछ के बावजूद अब कुछ नहीं होता तो स्टेशन मास्टर एक तांत्रिक को बुलाते हैं और  पूरी ट्रेन के आने और जाने की सीसीटीवी फुटेज दिखाते हैं।
       
सुनकर तांत्रिक कहता है,---- बच्चा, कोई भूतिया ट्रेन  लगता है । चिंता मत करो आने दो उस ट्रेन को मैं उस ट्रेन में जाऊंगा ----तांत्रिक बोलता है

और रात में उस ट्रेन के आने की टाइम पर सभी हमेशा की तरह दुबक जाते हैं।  हमेशा की तरह ट्रेन आती है और तांत्रिक छुप कर एक जगह से देखता है।

यात्री वहां से निकलते हैं और चले जाते हैं तभी स्टेशन मास्टर आता है और हरी झंडी दिखाता है हां देते हुए जैसे ही ट्रेन स्टार्ट होती है तांत्रिक भागते हुए आता है और ट्रेन में चढ़ जाता है ।

तांत्रिक अंदर जाता है तो उसमें बैठे  यात्रियों से कुछ आवाजें आती हैं ----तू हमें मारने आया है, तु हमे जिंदा जलाने आया है , मेरा भगवान हमारे साथ है !

यह सब देखकर तांत्रिक अपना तांत्रिक विद्या  का इस्तेमाल करके उन सभी यात्रियों को मूर्छित करके मार डालता है। और ट्रेन से कूद  जाता है ।
और सभी लोग आकर तांत्रिक को उठाते हैं और पूछते हैं----- आप ठीक तो हैं ?
 तांत्रिक बोलता है ----- चिंता की कोई बात नहीं। वे भक्त हैं जो यहां से चार स्टेशन आगे मंदिर बनाना चाहते थे और कुछ लोगों ने उनको जिंदा जला  दिया था।

इसलिए वह लोग जो ट्रेन में आता है तो सोचते हैं कि----- उन्हें जलाने आ रहे हैं। इसलिए वे उन्हें मार डालते हैं।
   तभी पुलिस वाला बोलता है---- इसका कोई तो उपाय होगा बाबा। यह लोग इसी तरह कब तक करते रहेंगे।
 
उस मंदिर का एक बड़ा सा ढांचा बनवाकर प्लेटफार्म पर रख दो । उस ट्रेन के आते ही वह करना होगा जो मैं बताऊंगा -तांत्रिक बोलता है।

दिव्य मंदिर ढांचे का निर्माण


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     और वैसा ही किया जाता है ,वह आज उस मंदिर का बड़ा दिव्य नुमा खूबसूरत ढांचा तैयार करके प्लेटफार्म पर रखा जाता है। और सभी हिम्मत करके ट्रेन आने का इंतजार करने लगते हैं।

तभी ट्रेन को आते हुए देखकर सभी घबराने लगते हैं। जो वहां खड़े लोग हैं वह बोलते हैं---- मुझे बहुत डर लग रहा है।
तभी स्टेशन मास्टर बोलता है ---- तांत्रिक ने कहा था हमारे चेहरे पर खुशी होनी चाहिए।
और तभी ट्रेन रूकती है और उसमें से यात्री निकलते हैं और उनके पास जाते हैं।
परेशान मास्टर  खुश होकर सब को मिठाई बांट रहा था और कह रहा था कि आज हमारा मंदिर  बनकर तैयार हो गया।
   
बहुत दिनों का सपना आज पूरा हुआ और उन यात्रियों को मिठाई खिलाने के लिए के पास जाता है और कहता है----भाई मिठाई खाओ और जो यात्री ट्रेन से आए हुए थे वह खुश होते हैं।और वापस उस ट्रेन पर बैठ कर चले जाते हैं ।

वापस से उस ट्रेन का आना बंद हो जाता है और स्टेशन पर सब कुछ ठीक हो जाता है ।

 सभी लोग उस तांत्रिक को धन्यवाद करते हैं ।
तांत्रिक कहता है---- एक बात याद रखना भक्तों  इंसान की इच्छा जब तक पूरी नहीं होती तब तक वह  भटकता है। जब उसकी इच्छा पूरी हो जाती है वह भटकना बंद कर देता है।



मुझे आशा है कि इस भूतिया डरावनी कहानी darawni kahaniya) को पढ़कर आपको अच्छा लगा होगा इसी तरह की हिंदी कहानियां (hindi kahaniyan)जैसे की मोरल स्टोरीज(moral stories in hindi) ,फनी स्टोरीज तथा जलपरी की कहानियों(fair tales in hindi) को पढ़ने के लिए हमारे वेबसाइट को बुकमार्क कर लीजिए धन्यवाद !

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